Lifestyle Politics

गंभीर रूप से खराब की श्रेणी में पहुंचने के करीब दिल्ली की वायु गुणवत्ता

नई दिल्ली। आवाज़-ए-हिन्द टाइम्स, सवांदाता। आस-पड़ोस के इलाकों में पराली जलाए जाने और प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों के कारण बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की वायु गुणवत्ता गंभीर रूप से खराब की श्रेणी में प्रवेश के कगार पर पहुंच गई। दिल्ली की वायु गुणक्ता 392 दर्ज की गई है जो बेहद खराब की श्रेणी में आती है और यह 400 का आंकड़ा पार करते ही गंभीर रूप से खराब  था जिसमें से पाँचों शहरों को ये स्कोर प्राप्त हुये हैं। मंत्री ने राज्यों तथा प्रदूषण नियंत्रण से जुड़ी एजेंसियों से काम में तेजी लाने के लिए कहा। प्रदूषण को लेकर राज्यों की गंभीरता का पता इस बात से चलता है कि उत्तर प्रदेश और राजस्थान ने बैठक के लिए अपने किसी प्रतिनिधि को नहीं भेजा जबकि पंजाब और हरियाणा ने मंत्री और सचिव की बजाय पर्यावरण अभियंताओं को भेज दिया। राज्यों में सिर्फ दिल्ली के पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन बैठक में अस्थित थे। बॅ. हर्षवर्द्धन ने कहा कि बैठक में मंत्रियों की अनुपस्थिति पर वह संबंधित राज्यों से बात कर रहे हैं। डॉ. हर्षवर्द्धन ने बताया कि पिछले साल की तुलना में पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की घटनाओं में 30 प्रतिशत की कमी आयी है, लेकिन सरकार इससे संतुष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि पराली जलाने की बजाय उसे अन्य तरीके से खेतों से हटाने के विकल्प उपलब्ध कराने के लिए राज्यों को एक हजार करोड़ रुपये की मदद का प्रस्ताव किया गया था जिसमें 591 करोड़ रुपये जारी भी कर दिये गये हैं। इसके बावजूद मात्र 30 प्रतिशत की कमी स्वीकार्य नहीं है और राज्यों को इस काम में भी तेजी लाने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि प्रदूषण को लेकर किसी प्रकार की राजनीति या बयानबाजी नहीं होनी चाहिये। दिल्ली की वायु की श्रेणी में पहुंच जाएगी। दिल्ली की वायु गुणवत्ता मंगलवार को गंभीर रूप से खराब की श्रेणी में पहुंच गई थी। इसे देखते हुए विनिर्माण गतिविधियों पर रोक लगा दी गई और कोयला तथा अन्य जैव ईंधनों से चलने वाले उद्योगों के कामकाज पर दस नवंबर तक रोक लगा दे गई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *